जैन विद्या शोध-संस्थान के बारे में....

मातोश्री रुक्मिणीबाई मल्लाप्पा रोटे पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट, कोल्हापुर " नामक संस्था की १९८६ ई में प्रतिष्ठापना की। गत बत्तीस (३२) वर्षों में ट्रस्ट के द्वारा सामाजिक, शैक्षणिक, धार्मिक एवं साहित्यिक संस्थाओं को अर्थसहाय दान के रूप में प्रदान करके कतिपय लोककल्याणकारी कार्य किए गए हैं। ट्रस्ट के कतिपय उद्देश्यो में से एक प्रमुख उद्देश्य अहिंसा एवं अनेकान्त दर्शन का प्रचार - प्रसार करणा रहा है । इसी उद्देश्य की पुर्ति के लिए संस्था के अध्यक्ष श्री गणपतरावजी रोटे एवं कार्याध्यक्ष प्राचार्य नेमिनाथजी गुंडे की प्रेरणा से " जैन विद्या शोध संस्थान " की संस्थापना की गई है।

वर्धमान महावीर जयंतीनिमित्य विज्ञान आणि जैन धर्म/ डॅाक्टर सौ.सुषमा गुणवंत रोटे यांच्यासोबत चर्चा

हमारे पाठयक्रम

जैन विद्या शोध संस्थान प्रमाणित पाठयक्रम और बाहुबली प्राकृत विद्यापीठ, श्रवण बेळगोळ (कर्नाटक) का दूरस्थ पाठयक्रम

णमो

एसोपंचणमोयारो, सव्वपावप्पणासणो।
मंगलाणंच सव्वेसिं, पढमं होई मंगलं।

डॉ. सौ. सुषमा गुणवंत रोटे जी (शोध निदेशक )

निदेशक,
जैन विद्या शोध संस्थान,कोल्हापूर (Click here for info)

संपर्क

जैन विद्या शोध-संस्थान, 'रत्नत्रय', फ्रेंड्स कॉलनी, शिवाजी पार्क, कोल्हापूर – 416001,
संपर्क- 9881250151